रोटावायरस वैक्सीन 3 जुलाई से होगा नियमित प्रतिरक्षण का हिस्सा

 

News21live.in
रोटावायरसवैक्सीन को 3 जुलाई से नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किया जाएगा । यह वैक्सीनरोटा वायरस के कारण होने वाले गंभीर दस्त से सुरक्षा प्रदान करेगी । इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने राज्य के सभी जिला अधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है । पत्र के माध्यम से बताया गया है कि राज्य में 3 जुलाई से नियमित टीकाकरण के अंतर्गत रोटावायरसवैक्सीन को शामिल किया जाना प्रस्तावित है । इसके लिए राज्य स्तर पर प्रत्येक जिले से मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया जा रहा है । इससे बच्चों में रोटावायरस की वजह से होने वाली दस्त में कमी लायी जा सकेगी । साथ ही इसके कुशल कार्यान्वयन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न गतिविधियों के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी गयी है ।

*जिला स्तर पर बैठक एवं प्रशिक्षण का आयोजन :-*

जिले का राज्यस्तरीय तथा जिलास्तरीय प्रशिक्षण आयोजित हो चूका है तथा प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण चालू है । जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्कफ़ोर्स का आयोजन कर कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण की समीक्षा की जाएगी ताकि संभावित त्रुटियों को दूर कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके । साथ ही इस नए टीके के विषय में आम-जागरूकता फ़ैलाने पर भी विशेष बल दिया जाएगा ।

प्रखंड स्तर पर हो रहा है प्रशिक्षण :-

जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पदाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तर पर आशा, आंगनवाड़ी एवं टीकाकरण संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है । प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग के लिए अलग से वेबसाइट भी बनाया गया है जिस पर मॉनिटरिंग प्रतिवेदन अपलोड किये जायेंगे । जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण शुरू हो चूका है तथा जल्द ही इसे पूर्ण कर लिया जायेगा । उन्होंने बताया की रोटावायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो बच्चों में होने वाले 40 प्रतिशत डायरिया के लिए ज़िम्मेदार है । रोटावायरस संक्रमण की शुरुआत हल्के दस्त से होती है जो आगे जाकर गंभीर रूप ले सकता है । पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण शरीर में पानी व नमक की कमी हो सकती है तथा कुछ मामलों में बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है । रोटावायरस संक्रमण में गंभीर दस्त के साथ-साथ बुखार और उल्टियाँ भी होती हैं और कभी-कभी पेट में दर्द भी होता है । दस्त एवं अन्य लक्षण लगभग 3 से 7 दिनों तक रहते हैं । इस गंभीर रोग की रोकथाम में रोटावायरस वैक्सीन काफ़ी प्रभावी होगा । शिशुओं को यह वैक्सीन तीन चरणों में दिया जाएगा । पहला टीका जन्म के 6 सप्ताह पर, दूसरा टीका 10 सप्ताह पर एवं आखिरी टीका 14 सप्ताह पर दिया जाएगा ।

बिहार बना 12 वाँ राज्य :-

भारत सरकार ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में रोटावायरस वैक्सीन को देश में चरणबद्ध तरीके से शामिल किया है । अब तक रोटावायरस वैक्सीन को देश के 11 राज्यों में (हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, असम, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, झारखंड एवं उत्तरप्रदेश) सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है । 3जुलाई के बाद रोटावायरस लांच करने वाला बिहार 12 वाँ राज्य हो जाएगा ।